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झाँसी, रोटरी क्लब ऑफ झांसी एलीट द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी में “शिक्षक रत्न सम्मान” समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) मुकेश पाण्डेय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में अपने अमूल्य योगदान के लिए शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) मुकेश पाण्डेय एवं कुलसचिव प्रो. ज्ञानेंद्र शुक्ला का रोटरी क्लब ऑफ झांसी एलीट की ओर से आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ रोटरी क्लब ऑफ झांसी एलीट के अध्यक्ष रोट. पवित्र हेमंत खन्ना के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान नहीं करते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का निर्माण कर उन्हें जीवन की सही दिशा दिखाते हैं। कार्यक्रम में रोट. विजयंत सूरी ने रोट्रैक्ट के उद्देश्य, कार्यप्रणाली एवं युवा पीढ़ी में नेतृत्व तथा सेवा की भावना विकसित करने में इसकी भूमिका के बारे में जानकारी दी। समारोह का संचालन रोट. डॉ. जानकी अग्रवाल एवं डॉ. अवनीत कौर ने किया। दोनों ने अपने प्रभावशाली संचालन से कार्यक्रम को गरिमापूर्ण एवं रोचक बनाए रखा। मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) मुकेश पाण्डेय ने शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षक समाज के वास्तविक शिल्पकार हैं। उनके मार्गदर्शन से विद्यार्थी न केवल अपने करियर में सफलता प्राप्त करते हैं, बल्कि एक बेहतर समाज के निर्माण में भी योगदान देते हैं। उन्होंने रोटरी क्लब ऑफ झांसी एलीट द्वारा शिक्षकों के सम्मान के लिए किए गए इस प्रयास की सराहना की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में रोटरी क्लब के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रीति खन्ना, दीपिका खन्ना, उर्वशी सूरी, शिवानी खन्ना, वैभव खन्ना, मयंक अग्रवाल, आयुषी मुनोट, रजत सूरी, मिली सूरी, मानसी अग्रवाल, डॉ. आकांक्षा मिश्रा एवं देवांगना मेहता सहित क्लब के अनेक सदस्यों एवं गणमान्य अतिथियों ने अपनी सक्रिय सहभागिता से आयोजन को सफल बनाया। विश्वविद्यालय की ओर से आयोजन के समन्वय एवं व्यवस्थाओं में विशेष सहयोग के लिए प्रो. सुनील कुमार कबिया एवं प्रो. पूनम पुरी का भी आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम के अंत में रोटरी क्लब ऑफ झांसी एलीट के सचिव सीए निमेश खन्ना ने आभार व्यक्त करते हुए सभी अतिथियों, शिक्षकों, विश्वविद्यालय प्रशासन एवं रोटरी सदस्यों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सम्मान केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि उनके अमूल्य योगदान के प्रति समाज की कृतज्ञता का प्रतीक है।