बुन्देलखण्ड के किसानों को श्री अन्न की सौगात, निःशुल्क बीज एवं कृषि यंत्र वितरित

samwadbundelkhand.com | Updated : 03/08/26 12:47 PM

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Jhansi

झाँसी, बुन्देलखण्ड के किसानों को टिकाऊ, जलवायु-अनुकूल एवं लाभकारी कृषि से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत विश्वविद्यालय परिसर में **आईसीएआर–भारतीय श्री अन्न अनुसंधान संस्थान (Indian Institute of Millets Research), हैदराबाद** के सहयोग से निःशुल्क श्री अन्न के गुणवत्तायुक्त बीज एवं कृषि यंत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने कहा कि **श्री अन्न पोषण सुरक्षा, जल संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है।** उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों एवं आधुनिक तकनीकों को अपनाने तथा उपलब्ध कराए गए बीज एवं कृषि यंत्रों का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति ने कहा कि बुन्देलखण्ड जैसे अर्ध-शुष्क क्षेत्र में श्री अन्न की खेती किसानों के लिए टिकाऊ एवं लाभकारी विकल्प बन सकती है। विश्वविद्यालय किसानों तक गुणवत्तायुक्त बीज, नवीन कृषि तकनीक एवं वैज्ञानिक जानकारी पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने आईसीएआर–भारतीय श्री अन्न अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम समन्वयक ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य किसानों को उन्नत श्री अन्न बीज एवं आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराकर **उत्पादकता बढ़ाना, कृषि लागत कम करना और जलवायु-अनुकूल खेती को बढ़ावा देना** है। उन्होंने किसानों से विशेषज्ञों के प्रशिक्षण एवं वैज्ञानिक परामर्श का लाभ उठाकर श्री अन्न की खेती को व्यापक स्तर पर अपनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में बुन्देलखण्ड क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान, वैज्ञानिक, प्राध्यापक, शोधार्थी, विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में किसानों को **निःशुल्क श्री अन्न के बीज एवं कृषि यंत्र वितरित** किए गए। साथ ही विशेषज्ञों द्वारा बीज प्रबंधन, वैज्ञानिक खेती एवं कृषि यंत्रों के प्रभावी उपयोग के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। यह पहल बुन्देलखण्ड के किसानों को **आत्मनिर्भर, समृद्ध एवं जलवायु-अनुकूल कृषि** की ओर आगे बढ़ाने तथा श्री अन्न की खेती को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।



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