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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वितीय एवं पंचम द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के पांचवें दिन ग्राम कोछा भावर में साइबर सिक्योरिटी कार्यक्रम के अंतर्गत विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना तथा सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के प्रति प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में स्वयंसेवकों द्वारा गांव में जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से “सतर्क रहें, सुरक्षित रहें”, “ओटीपी किसी से साझा न करें” जैसे नारों के जरिए ग्रामीणों को साइबर सुरक्षा के प्रति सचेत किया गया। इसके साथ ही स्वयंसेवकों ने घर-घर जाकर सर्वेक्षण कार्य भी किया, जिसमें लोगों की डिजिटल जानकारी, मोबाइल उपयोग और ऑनलाइन लेन-देन से संबंधित जागरूकता का आकलन किया गया। इस सर्वेक्षण से यह स्पष्ट हुआ कि ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अत्यंत आवश्यकता है। बौद्धिक साइबर सेल द्वितीय सत्र के अंतर्गत आयोजित बौद्धिक कार्यक्रम में साइबर सेल झांसी से उप निरीक्षक मो. आरिफ एवं उप निरीक्षक परवीन कुमार ने मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया। उन्होंने अपने व्याख्यान में साइबर अपराधों के विभिन्न प्रकार जैसे ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, एटीएम धोखाधड़ी, सोशल मीडिया हैकिंग आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे छोटी-छोटी लापरवाहियां बड़े नुकसान का कारण बन सकती हैं। वक्ताओं ने टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी और यह समझाया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना संबंधित विभाग को देनी चाहिए। इस अवसर पर हेड कांस्टेबल हरगोविन्द सिंह तथा कांस्टेबल जितेंद्र सिंह ने भी उपस्थित रहकर स्वयंसेवकों और ग्रामीणों को साइबर अपराध से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए। उन्होंने मोबाइल फोन और इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के लिए आवश्यक सावधानियों पर विशेष जोर दिया। डॉ. श्वेता पांडेय की भूमिका कार्यक्रम का संचालन इकाई द्वितीय की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. श्वेता पांडेय द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करते हुए स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन किया। वहीं इकाई पंचम के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रशांत मिश्र ने कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की एक विशेष उपलब्धि के रूप में स्वयंसेवकों द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित अखबार का भी विमोचन किया गया। इस अखबार के संपादक मंडल में आदर्श, ध्रुव, दिव्या और करन शामिल रहे, जिन्होंने पिछले दो दिनों की गतिविधियों को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया। यह प्रयास स्वयंसेवकों की सृजनात्मकता और टीम भावना को दर्शाता है। समग्र रूप से यह कार्यक्रम न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि ग्रामीणों के लिए अत्यंत उपयोगी भी सिद्ध हुआ। साइबर सुरक्षा जैसे समसामयिक विषय पर इस प्रकार के आयोजन समाज को सुरक्षित और जागरूक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।