झांसी, सिविल पुलिस का काम दूसरों को सेवा भाव में राहत देना होता है, जबकि कुछ गंदी मानसिकता के पुलिसकर्मी गलत आचरण दिखाकर पूरे महकमे का नाम बदनाम करते हैं, इन दिनों एक महिला सिपाही खास चर्चा में है, जिसके द्वारा अलग-अलग वक्त पर बदल बदलकर पुलिस कर्मियों को टारगेट किया जाता है, गंदे आरोप लगाना है फितरत सूत्रों की माने तो महिला सिपाही गंदे आरोप लगाकर अपने मतलब को साधना चाहती है कभी रसूख, कभी रुपया, कभी पावर अपनी महत्वाकांक्षा को पाने के लिए वह किसी भी हद से गुजरने को तैयार रहती है, जांच में आया सच मामला सामने आने के बाद जब आला अधिकारियों ने लगाए गए आरोप की जांच करवाई तब गोपनीय जांच के दौरान भी महिला पुलिसकर्मी के द्वारा एक भी आरोप सिद्ध नहीं किया जा सका, हद तो तब हो जाती है जब आरोप लगाने के बाद जांच में महिला सिपाही सहयोग नहीं करती बुलाने पर भी नहीं आती, सूत्रों का दावा है कि महिला पुलिसकर्मी सिर्फ मोहरा है, यह सारा कुछ किसी मास्टरमाइंड के इशारे पर कर रही है, जो दरोगा व थाने पर तैनात सिपाहियों के खिलाफ षड्यंत्र रचकर उन्हें बदनाम करना चाहता है, सभी पर निगाह पुलिस के आला अधिकारी हर गतिविधि पर पूरी नजर लगाए हुए हैं, कौन बदनाम करना चाहता है, किसे बदनाम करना चाहता है, क्यों बदनाम करना चाहता है, इसकी पड़ताल चल रही है, जल्द ही झूठा आरोप लगाने वाले सभी लोगों के नाम सामने आएंगे, ऐसी दूषित मानसिकता के लोग रडार पर हैं, जिन्हें विभागीय कार्यवाही का सामना जल्द ही करना पड़ेगा